क्यों जलती है माचिस की तीली?

क्यों जलती है माचिस की तीली?


  • पुराने समय में लोग पत्थर रगड़कर आग पैदा किया करते थे। इसके बाद कुछ आसान युक्ति के बारे में विचार किया गया और माचिस ने दिमाग में जन्म लिया।
  • पहली आधुनिक स्वत: जलने वाली माचिस 1805 में जीन चांसेल ने बनाई इसके बाद, माचिस का निर्माण इंग्लैंड के जॉन वॉकर ने 1827 में किया था इसे फ्रिक्शन मैच बॉक्स कहा गया। इसे लकड़ी के टुकड़े पर गोंद, स्टार्च, एंटीमनी सल्फाइड, पोटैशियम क्लोरेट लगाकर बनाया गया था, पर यह सेफ नहीं थी।
  • पहले माचिस की तीलियों को हाथों से बनाना पड़ता था और हाथों से ही उसके सिरे पर मसाले लगाए जाते थे। 1940-50 के दौरान पैक्ड मैच बॉक्स की शुरुआत हुई थी।
  • माचिस की तीलियों के सिरे पर फास्फोरसयुक्त पदार्थ का लेप करने के लिये जिलेटिन (Gelatin) का उपयोग किया जाता है। ये तीलियां किसी कार्डबोर्ड के छोटे से बक्से में रखकर उपयोग में आती हैं। बक्से के उपर ही एक तल पर घर्षणयुक्त सतह बनाई गई होती है, जिस पर रगड़ के आग पैदा होती है।

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