टेलिस्कोप से दूर का पास कैसे दिखता है?




  • टेलिस्कोप एक ऐसा यंत्र है, जिससे हम दूर स्थित ऑब्जेक्ट जैसे चंद्रमा दूसरा ग्रह और बहुत ही दूर स्थित कोई आकाशीय पिंड धूमकेतु, पुच्छल तारे इन सभी चीजों को देख सकते हैं।
  • नीदरलैंड्स में 17वीं शताब्दी की शुरुआत में पहली व्यावहारिक अपवर्तक दूरबीन दिखाई दी, जिसे ग्लास लैंस का उपयोग करके बनाया गया था। 1930-60 के बीच रेडियो और इन्फ्रारेड टेलिस्कोप भी आ गए।
  • पहली अपवर्तक दूरबीन तीन लोगों, हंस लिपर्सहे और ज़चारीस जांसेन, मिडलबर्ग ने बनाया था।
  • गैलिलियो ने 1609 में टेलिस्कोप का अपना वर्जन बनाया, जिससे खगोलीय ऑबजिक्ट को देखने और समझने में मदद मिली। आजकल अपवर्ती, परावर्ती, खगोलीय दूरदर्शी जैसे कई प्रकार के दूरदर्शी टेलिस्कोप बनाए जा चुके हैं और तकनीक में आगे हैं।
  • 1668 में आईजैक न्यूटन ने पहला प्रायोगिक रिफलेक्टिंग टेलिस्कोप बनाया, जिसे न्यूटन रफ्लेक्टर कहा गया। 1733 तक एक्रोमेटिक लैंस बनने से टेलिस्कोप के क्षेत्र में क्रांति ला दी थी।

Post a Comment

Previous Post Next Post